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करुणामूलक रोजगार की राह फिर खुली, सैकड़ों परिवारों को राहत; पुराने मामलों की होगी दोबारा जांच

गैर-निर्धनता के आधार पर खारिज मामलों की दोबारा होगी समीक्षा

पात्र आश्रित 31 दिसंबर 2026 तक कर सकेंगे नए आवेदन

121 युवाओं को करुणामूलक आधार पर जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के नियुक्ति आदेश जारी


हिमाचल प्रदेश सरकार ने करुणामूलक रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों परिवारों को बड़ी राहत देते हुए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। वित्त विभाग ने एकमुश्त विशेष छूट के तहत उन मामलों की दोबारा समीक्षा करने का निर्णय लिया है, जिन्हें पहले केवल गैर-निर्धनता (आर्थिक रूप से सक्षम) होने के आधार पर खारिज कर दिया गया था। इस फैसले के बाद वर्षों से रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे आश्रितों के लिए नियुक्ति का रास्ता एक बार फिर खुल गया है।

वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञापन के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी उपनिदेशकों, सरकारी महाविद्यालयों के प्राचार्यों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि पात्र आश्रितों से नए आवेदन आमंत्रित किए जाएं। पात्र अभ्यर्थियों को 31 दिसंबर 2026 तक संबंधित विभागाध्यक्ष के समक्ष अपना आवेदन जमा करना होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों में परिवार की आर्थिक स्थिति का आकलन पुराने रिकॉर्ड के आधार पर नहीं, बल्कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा। यदि पुनर्मूल्यांकन के दौरान आश्रित आर्थिक संकट में पाया जाता है तो उसे करुणामूलक नियुक्ति के लिए पात्र माना जाएगा। हालांकि यह राहत केवल उन्हीं मामलों तक सीमित रहेगी, जिन्हें पहले सिर्फ गैर-निर्धनता के आधार पर अस्वीकार किया गया था। अन्य कारणों से खारिज मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा।

वित्त विभाग ने पुनर्विचार की पूरी प्रक्रिया के लिए छह माह की समय-सीमा तय की है। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि आवेदन प्राप्त होने के एक माह के भीतर मामलों का निपटारा करें। पात्र पाए जाने वाले मामलों में नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

सरकार के निर्देशों के अनुसार करुणामूलक नियुक्तियां प्रत्यक्ष भर्ती कोटे में उपलब्ध रिक्त पदों पर की जाएंगी। सभी मामलों में विभागीय स्तर पर पात्रता की जांच पूरी होने के बाद अंतिम नियुक्ति से पहले मुख्यमंत्री की स्वीकृति अनिवार्य होगी। इसके बाद ही नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे सभी लंबित और पूर्व में अस्वीकृत मामलों की जानकारी संबंधित आश्रितों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाई जाए।

121 युवाओं को मिला नियुक्ति का तोहफा

इसी बीच प्रदेश सरकार ने लंबे समय से रोजगार का इंतजार कर रहे 121 पात्र आश्रितों को भी बड़ी राहत दी है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों को भर्ती निदेशालय के तहत जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) – जॉब ट्रेनी के पदों पर नियुक्ति प्रदान की गई है।

इन नियुक्तियों में शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सोलन, सिरमौर, ऊना और मंडी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि नियुक्तियां प्रशासनिक विभागों की सिफारिशों तथा वित्त एवं कार्मिक विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप दी गई हैं। लंबे समय से लंबित करुणामूलक नियुक्तियों को लेकर परिवारों में व्याप्त असंतोष के बीच सरकार के इस निर्णय को बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।